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मेक इन इंडिया- भारत ने 3.79 करोड़ में म्यांमार भेजा टीएएल शायना टॉरपीडो

भारतीय हथियार उद्योग की उपलब्धि में पहले बैच का एडवांस्ड लाइट टॉरपीडो (टीएएल) शायना टॉरपीडो मील का पत्थर साबित हुआ है। अब इसे 3.79 करोड़ के निर्यात सौदे के रूप में म्यांमार भेजा गया है, जिस पर 2017 में हस्ताक्षर किए गए थे।

लाइवफिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, टॉरपीडो का निर्माण भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) द्वारा किया गया था, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। लॉन्चर सिस्टम के साथ टॉरपीडो के एकीकरण के पीछे लॉर्सन एंड टुब्रो था।

टीएएल शाइना भारत की पहली घरेलू रूप से निर्मित हल्के पनडुब्बी रोधी टारपीडो है। इसे डीआरडीओ के नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला द्वारा विकसित किया गया था। बीडीएल निर्माताओं ने विशाखापत्तनम में इसका निर्माण किया था।

शाइना टॉरपीडोस की आपूर्ति भारत और म्यांमार के बीच बढ़ते संबंधों के साथ हो रही है। इससे पहले ध्वनिक ड्रोन, नौसेना सोनार और अन्य सैन्य उपकरणों को भी उन्हें दिया गया था। दोनों देश कथित रूप से अलगाववादी आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।