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पाकिस्तान की न्यायालय ने आतंकी सईद उमर शेख को रिहा कर सरकारी रेस्ट हाउस भेजा

2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के आरोपी अलकायदा के आतंकवादी उमर सईद शेख को बरी करने के निर्णय के बाद पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों को ब्रिटिश मूल के आतंकवादी को एक सरकारी रेस्ट हाउस में ले जाने का आदेश दिया है।

कथित तौर पर रेस्ट हाउस में शेख को कड़ी सुरक्षा की निगरानी में रखा जाएगा। उसे सुबह 8 से शाम 5 बजे तक अपने परिवार से मिलने की अनुमति होगी। उसे फोन और इंटरनेट का उपयोग करने नहीं दिया जाएगा।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के डैनियल पर्ल दक्षिण एशिया ब्यूरो के प्रमुख थे। उन्हें जनवरी 2002 में कराची में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। वह आतंकियों के बारे में एक खबर के सिलसिले में जानकारी एकत्रित करने के लिए आए थे।

शेख को बरी किए जाने से अमेरिका में नाराज़गी है। दरअसल, शेख ने कथित तौर पर पत्रकार के अपहरण और बंदी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

शेख को बरी करने पर भारत ने पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह न्याय का उपहास है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आतंकी आरोपियों की सज़ा की बात पर पाकिस्तान में बहुत कम सज़ा की दर पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, “यह मामला वास्तव में आतंकवाद के मोर्चे पर कार्रवाई करने के पाकिस्तान के इरादे को प्रदर्शित करता है। यह उमर सईद को आतंक के इस जघन्य कृत्य में किसी भी आरोप का दोषी नहीं पाया जाना, न्याय का एक तरह से उपहास है।”