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चीन की चुटकी लेते हुए बौद्ध धर्मगुरु ने कहा अगला दलाई लामा होना चाहिए भारत से

सोमवार (19 मार्च) को तिब्बती बौद्धधर्म के धर्मगुरु ने अपनी मौत के बाद अगले दलाई लामा के लिए चिंता जताते हुए कहा कि अगले धर्मगुरु का अवतार भारत में ही मिलना चाहिए, जहाँ उन्होंने अपनी ज़िंदगी के 60 साल गुज़ारे हैं और साथ ही इस बात के लिए सावधान करते हुए कहा कि चीन की तरफ से आए किसी भी उत्तराधिकारी को सम्मान प्राप्त नहीं होगा, रियुटर्स  ने रिपोर्ट किया।

दलाई लामा 1959 में भारत उस समय आए थे जिस समय चीन की सत्ता के खिलाफ उनका विरोध विफल हो गया था। और तब से आज तक वे अपने इलाके की भाषाई और सांस्कृतिक स्वराज्य के लिए पूरे विश्व का ध्यान खींचने का काम कर रहे हैं।

तिब्बत पर 1950 में कब्ज़ा करने वाला चीन इस 83 वर्षीय नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को एक भयंकर अलगाववादी कहता है।

अपनी मौत के बाद अपने उत्तराधिकारी के लिए चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “चीन के लिए दलाई लामा अवतार बहुत महत्त्वपूर्ण मुद्दा है, उन लोगों को मेरे बजाय अगले दलाई लामा की चिंता ज़्यादा है”।

साथ ही उन्होंने कहा, “भविष्य में दो दलाई लामा होंगे, एक भारत जैसे आज़ाद देश से और दूसरा चीन से जिस पर कोई विश्वास नहीं करेगा और ना ही उसका कोई सम्मान करेगा, तो यह चीन के लिए ज़्यादा बड़ी दिक्क्त है”।

चीन ने इसपर कहा है कि उनके नेताओं के पास यह हक्क है की वह दलाई लामा के अगले उत्तराधिकारी का नाम घोषित कर सकें, यह अधिकार उन्हें चीन के राजाओं से विरासत में मिला है।