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चक्रवाती तूफान फानी आज ओडिशा के तटों से टकराएगा, मौसम में दिखा असर

चक्रवाती तूफान फानी शुक्रवार सुबह ओडिशा के समीप समुद्र तटीय इलाकों से टकराएगा। राज्य सरकार ने सुरक्षा को लेकर 13 जिलों के कमजोर, निचले इलाकों के 11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।

चक्रवात के तट पर पहुँचने से पहले ही इसका असर मौसम में दिखाई देने लगा है। इलाकों मे तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। सरकार ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। तूफान जगन्नाथ पुरी के पास सुबह करीब नौ बजे अपनी उपस्थिति दर्ज कराना शुरू करेगा।

ज्वाइंट टाइफून वॉर्निंग सेंटर के अनुसार, 1999 के सुपर चक्रवात के बाद से फानी सबसे गंभीर चक्रवाती तूफान है। सुपर चक्रवात ने दस हजार लोगों की जान ली और राज्य के बड़े इलाकों में तबाही मचाई थी।

इससे करीब ओडिशा के 14 जिलों पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर, भद्रक, गंजम, खुर्दा, जाजपुर, नयागढ़, कटक, गजपति, मयूरभंज, ढेंकनाल और क्योंझर के प्रभावित रहने की आशंका है।

चक्रवात के शुक्रवार दोपहर तक ओडिशा के तट पर गोपालपुर और चांदबली के बीच से गुजरने की आशंका है। उस समय तूफान की अधिकतम रफ्तार 175 से 185 किमी. प्रति घंटे के समीप होगी, जो 205 किमी भी जा सकती है।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात फानी खतरे को देखते हुए 3 मई से शुरू होने वाली भुवनेश्वर के लिए सभी उड़ानों को 24 मई तक रद्द कर दिया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, “सुरक्षा के लिहाज से 3 मई को रात 9.30 बजे और 4 मई को शाम 6 बजे के बीच कोलकाता जाने वाली सभी उड़ानों को रद्द करने का आदेश जारी किया है।” दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।