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तापसी व अनुराग पर हुई कार्रवाई को लेकर शिवसेना मुखपत्र सामना में केंद्र की आलोचना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में शुक्रवार (5 मार्च) को फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप और अभिनेता तापसी पन्नू के घर पर आयकर छापों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। इसमें कहा गया कि वे इसलिए कार्रवाई का सामना कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन किया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सामना के संपादकीय में कहा गया कि तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप ने खुलकर अपनी राय रखी थी। इससे यह सवाल उठता है कि क्या बॉलीवुड में शेष लेनदेन निष्पक्ष और पारदर्शी हैं और क्या अनियमितताएँ केवल तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप के लिए ही हैं। वे उन लोगों में से हैं, जो किसान आंदोलन के साथ खड़े हुए। वे अब इसकी कीमत चुका रहे हैं।

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि जनवरी 2020 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में यात्रा के बाद अभिनेता दीपिका पादुकोण के खिलाफ एक अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने छात्रों से मिलने के लिए जेएनयू का दौरा किया था। उनकी फिल्म को निशाना बनाया गया था। उनके खिलाफ गंदे अभियान शुरू किए गए थे।

आगे कहा गया, “कौन लोग हैं, जो इस तरह के कृत्य को अंजाम देते हैं और वे किस विचारधारा के हैं, यह एक अलग मुद्दा है लेकिन हमारे देश की छवि निश्चित रूप से ऐसे कृत्यों से बेहतर नहीं हो रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार करने के तरीके के लिए मोदी सरकार की विश्वस्तर पर आलोचना की गई थी। इस तरह की घटनाएँ देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती हैं।”