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मर्कज़ प्रबंधन ने मोटी रकम लेने के कारण नहीं किया जमातियों को बाहर, ईडी जाँच संभव

अपराधा शाखा को जाँच में पता चला है कि जमातियों से मर्कज़ प्रबंधन ने धार्मिक सभा और अन्य मदों के नाम पर मोटा पैसा लिया था, जिस वजह से उन्हें बाहर नहीं निकाला जा रहा था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पता चला है कि जमातियों से नगद पैसे लेकर उसे बैंक में जमा किया जाता था। अब अपराध शाखा मर्कज़ के बैंक खातों की जानकारी निकाल रही है। रुपयों के लेन-देन और बैंकों की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर सकती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस कागज़ी कार्रवाई करने जा रही है।

अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हर जमाती से मर्कज़ में रहने, खाने और धार्मिक शिक्षा के बदले पैसे लिए जाते थे। जमाती की हैसियत देखकर कीमत तय की जाती थी। पैसे लेने के लिए एक अलग स्टाफ था, जो यह तय करता था कि कौन सा जमाती कितनी रकम दे सकता है।”

जानकारी मिली है कि तीन या पाँच दिन की धार्मिक सभा के लिए एकसाथ पैसे ले लिए जाते थे। जब लोगों को एकत्रित होने से मना किया गया था, तब मर्कज़ में काफी संख्या में लोग थे, जिनसे रुपये ले लिए गए थे।

अपराध शाखा ने मर्कज़ के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद को छोड़कर एफआईआर में नामजद छह मौलानाओं समेत करीब 10 लोगों से पूछताछ की है। इसमें मर्कज़ का बाकी स्टाफ शामिल है। पुलिस का कहना है कि बाकी स्टाफ पूछताछ में मदद नहीं कर रहा है।

जमातियों के मामले की जाँच में कई जाँच एजेंसियाँ लगी हुई हैं। जमातियों के फोन से लेकर उनके आने-जाने का पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है।