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मसरत आलम को जम्मू से तिहाड़ जेल ले गई एनआईए, जल्द होगी अदालत में पेशी

घाटी में पत्थरबाजी के लिए उकसाने वाले कट्टरपंथी कश्मीरी अलगाववादी नेता मसरत आलम को टेरर फंडिंग मामले में जम्मू से तिहाड़ जेल भेजा गया है। ऐसा राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की जाँच और पूछताछ को लेकर किया गया है।

पत्रकार आदित्य राज कौल की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तेजी से आतंकी के स्थानांतरण की कार्रवाई की। जाँच एजेंसी की हिरासत में आने के बाद अब आलम को जल्द ही पटियाला हाउस अदालत के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है।

वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह के गृहमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ही कश्मीर में अलगाववाद के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई शुरू हो गई है। जिस दिन शाह को अगले गृहमंत्री के रूप में घोषित किया गया था, उस दिन हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने कहा था, “कश्मीरी अलगाववादी संगठन केंद्र की पहल का समर्थन करने के लिए तैयार है।”

जैसा कि पहले बताया गया था कि अमित शाह से उम्मीद है कि वह तीन सबसे अहम कदम धारा 370, अनुच्छेद 35 ए को रद्द और कश्मीरी अलगाववाद को खत्म करने की ओर बढ़ाएँगे।

भाजपा ने 2019 के आम चुनाव के अपने घोषणा-पत्र में वादा किया था कि पुन: सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए को खत्म कर दिया जाएगा। इस बाबत अमित शाह ने खुद वादा किया था कि संसद के दोनों सदनों में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद इन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।