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आवारा गायों के लिए गौशालाएँ- उप्र सरकार गौ कल्याण उपकर से एकत्रित करेगी निधि

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार “गौ कल्याण” नामक 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाने जा रही है। इसका प्रयोग गौशालाओं के निर्माण और प्रबंधन के लिए किया जाएगा, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया।

राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा एमजीएनआरईजीएस, एमपी-लाड, एम-ललाड के कोष में से राशि प्रदान कर इन गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा।

यह उपकर आबकारी वस्तुओं जैसे शराब के लिए भी लागू किया जा सकता है। आबकारी विभाग जल्द ही निर्णय लेगा कि किस प्रकार की वस्तुओं पर यह उपकार लगाया जाएगा। सरकारी एजेंसियाँ जैसे यूपीईआईडीए टोल टैक्स के माध्यम से उपकर वसूलेंगी। वहीं सार्वजनिक संस्थाओं तथा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ जैसे उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीआईडीसीएल) भी इसमें शमिल की जा सकती हैं। मंडी परिषद वर्तमान में अपनी आय का एक प्रतिशत गौ सरंक्षण के लिए देते थे अब वे बढ़ाकर दो प्रतिशत देंगे।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 1 जनवरी 2019 को इस योजना का ऐलान किया जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण तथा नगरीय स्तर पर गौशालाएँ बनाई जाएँगी। प्रत्येक जिले में करीब 1,000 गायों को रखने की क्षमता होगी।

लोगों तथा मुख्यत: किसानों को आवारा गायों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था जिसके हल स्वरूप यह योजना लाई जा रही है।

पिछले दिनों कई किस्से सामने आए थे जिसमें किसानों ने आवारा पशुओं से खतरे के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए आवारा पशुओं को विद्यालयों तथा पुलिस थानों में बंद कर दिया था। आवारा गायों द्वारा खेतों में घुसकर फसल नष्ट कर दिए जाने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं नगरीय क्षेत्रों में आवारा पशु जाम, भीड़ तथा एक्सिडेंट का कारण बनते हैं।