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लद्दाख भेजी गईं करीब 12,000 वैक्सीन की खुराक, 4,000 सैनिकों का आज से टीकाकरण

लद्दाख में तैनात लगभग 4,000 सैनिकों, सैन्य डॉक्टरों और नर्सों के कोविड​​-19 से बचाव के लिए करीब 12,000 वैक्सीन की खुराक वहाँ भेज दी गई हैं। अब उनका टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए सेना के जवानों का पहला दल तैयार कर लिया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में चल रही तनातनी के बीच अग्रिम पंक्ति में तैनात किए गए जवानों का पहले टीकाकरण किया जाएगा। उसके बाद जैसे-जैसे टीकाकरण का अभियान बढ़ता है, वैसे-वैसे और भी सैनिकों को वैक्सीन लगती रहेंगी।

यह विकास तब आता है, जब भारत शनिवार (16 जनवरी) को कोविड-19 के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को शुरू करने के लिए तैयार है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के लिए सरकार दो वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग अधिकार (ईयूए) की स्वीकृति दे चुकी है, जिसमें कोविशील्ड और कोवैक्सीन शामिल हैं।

कोविशिल्ड को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और दवा प्रमुख एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित किया गया है। अदार पूनावाला पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) में इसका निर्माण करवा रहे है।

वहीं, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएम) के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन स्वदेशी रूप से विकसित की है।