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“फास्टैग से अब तक ₹52,000 करोड़ से अधिक का हुआ टोल संग्रह”- नितिन गडकरी

केंद्र सरकार ने सोमवार (19 जुलाई) को जानकारी दी कि 11 जुलाई तक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली फास्टैग के माध्यम से 52,000 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए गए हैं।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और कुछ राज्य राजमार्गों पर सभी शुल्क प्लाजा में फास्टैग कवरेज का पूरे भारत में विस्तार किया गया है।

नितिन गडकरी ने कहा, “वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 701 शुल्क प्लाजा और राज्य राजमार्गों पर 149 शुल्क प्लाजा इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सक्षम हैं।”

मंत्री ने आगे बताया कि 11 जुलाई तक फास्टैग के माध्यम से कुल 52386.58 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की जा चुकी है। शुल्क प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क रियायतग्राही या निष्पादन एजेंसी द्वारा नियुक्त ठेकेदारों द्वारा एकत्र किया जाता है।

भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) द्वारा अब तक पहचाने गए टोल टैक्स चोरी करने वाले ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान से नहीं बचा जा सकता है। दरअसल, प्रत्येक लेन में बाधा के साथ भौतिक बूथ भी हैं। शुल्क प्लाजा को पार करने वाले किसी भी वाहन को लागू राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना ही होगा।