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जेएनयू राजद्रोह मामला- दिल्ली सरकार सुस्त, न्यायालय खुद ही करेगा कार्यवाही

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के राजद्रोह मामले में आगे कार्यवाही न करने पर फटकार लगाई है और कहा है कि सरकार की अनुमति के बिना ही कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगी।

दिल्ली पुलिस इस मामले में सरकार की अनुमति के बिना ही चार्जशीट दायर कर चुकी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर सरकार इस मुद्दे पर आगे कार्यवाही नहीं करेगी तो कोर्ट खुद वीडियो देखकर इस मामले को आगे बढ़ाएगा। जेएनयू राजद्रोह मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी, दैनिक भास्कर  ने रिपोर्ट किया।

इस मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत को बताया कि आप सरकार दिल्ली पुलिस को इस मामले में आगे बढ़ने के लिए कोई निर्देश नहीं दे रही है। इस पर मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा, “पहले आपने (दिल्ली पुलिस) चार्जशीट दायर करने में तीन साल लगाए अब वे लोग (आप सरकार) तीन और साल लगाएँगे।”

इस मामले में अभियोजन अनुमति की फाइल दिल्ली सरकार के पास 14 जनवरी 2019 को आ गई थी। दिल्ली पुलिस, गृह विभाग और विधि विभाग इसका अध्यन कर चुका है और अभी यह फाइल कानून मंत्री के पास है।

जेएनयू मामला 

2016 में जेएनयू के परिसर में 2001 संसद हमले के मास्टरमाइंड अफ़ज़ल गुरु की फांसी पर आयोजित कार्यक्रम में देश-विरोधी नारे लगाए गए, जिसके तहत उस समय कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी विद्यार्थियों को हिरासत में लिया गया था।