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अकबरुद्दीन ओवैसी की हिंदुओं पर 15 मिनट वाले बयान के लिए हो सकती है गिरफ्तारी

तेलंगाना के स्थानीय न्यायालय ने सैदाबाद पुलिस को चंद्रयानगुट्टा के विधायक एवं अखिल भारत मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के तेलंगाना सदन के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

अकबरुद्दीन ओवैसी पर अपनी करीमनगर की रैली में विभिन्न समाजोंं के लोगों के बीच अपने भाषण से दुश्मनी बढ़ाने की कोशिश का गंभीर आरोप है।

स्थानीय वकील काश्मिशती करुणासागर ने करीमनगर की रैली के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ न्यायालय में शिकायत दर्ज की थी।

आपको बता दें कि करुणासागर ने सबसे पहले पुलिस थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी पर पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था जिसके बाद करुणासागर ने न्यायालय में शिकायत दर्ज की गई।

न्यायालय ने सैदाबाद पुलिस को आइपीसी की धारा 153, 153ए, 153बी और 506 के तहत मामला दर्ज करने और इस विषय में 23 दिसंबर तक रिपोर्ट जमा करने को कहा है।

23 जुलाई की करीमनगर की रैली में अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उसके 2013 में दिए 15 मिनट वाले बयान से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अभी तक उभर नहीं पाया है।

गौरतलब है कि 2013 के अपने सुलगते भाषण में अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि यदि 15 मिनट के लिए पुलिस हट जाए तो “हम (मुसलमान) 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर देंगे।”, अकबरुद्दीन ने कहा था।

इससे पहले 2007 में अकबरुद्दीन ने तस्लीमा नसरीन को जान से मारने की धमकी दी थी और साथ ही साथ सलमान रुश्दी और उनके खिलाफ फतवा जारी करने की बात भी कही थी।

2011 में अकबरुद्दीन ने आंध्र प्रदेश विधानसभा के विधायकों को काफिर और कुफ्रास्तान कहकर संबोधित किया था।

इतना ही नहीं ओवैसी 2012 में भगवान राम और उनकी माता कौशल्या के ऊपर भी विवादित बयान दे चुके हैं। ओवैसी ने पूछा, “राम की माँ कहाँ भटकती रहती थी और उसने राम को कहाँ जन्म दिया था?”