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चीनी टीकों पर निर्भर सेशेल्स, मंगोलिया और बहरीन संक्रमण की नई लहर से जूझ रहे हैं

कोविड-19 महामारी पर अंकुश लगाने के लिए चीनी वैक्सीन पर निर्भर रहने वाले सेशेल्स, मंगोलिया और बहरीन जैसे देश संक्रमण की एक नई लहर से जूझ रहे हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया कि चिली के साथ इन देशों ने अपनी कुल जनसंख्या का लगभग 50 से 68 प्रतिशत टीकाकरण किया था। वे महामारी से सबसे अधिक प्रभावित रहने वाले शीर्ष 10 देशों में सूचिबद्ध हैं।

इस पर भी प्रकाश डाला गया कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सिनोफार्म वैक्सीन को अनुमति देने वाले पहले देशों में शामिल हैं, जहाँ टीकाकरण के बाद लोगों के एक महत्वपूर्ण समूह के बीमार होने की जानकारी मिल रही है।

वास्तव में, चीन ने अपने अंतिम चरण के नैदानिक ​​परीक्षण डाटा के जारी होने से पूर्व ही सिनोफार्म को टीकाकरण की स्वीकृति दे दी थी। चीन के सिनोफार्म और सिनोवैक टीकों ने क्रमशः 78 प्रतिशत और 51 प्रतिशत की प्रभावकारिता दर की सूचना दी है लेकिन एनवाईटी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई देशों के उदाहरण बताते हैं कि ये टीके वायरस और इसके नए रूपों के प्रसार को रोकने में अप्रभावी हो सकते हैं।

मंगोलिया ने अपनी 52 प्रतिशत आबादी को टीका लगा दिया है। इसके पश्चात वहाँ रविवार को करीब 2400 नए मामले दर्ज किए गए। यह संख्या देश में एक माह पूर्व दर्ज किए गए संक्रमणों की संख्या से करीब चार गुना अधिक है।