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आरबीआई- 50,000 करोड़ रुपये के टीएलटीआरओ की घोषणा, रिवर्स रेपो दर घटाई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार (17 मार्च) को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर भारत में कोरोनावायरस की महामारी के मद्देनजर कई उपायों की घोषणा की।

25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से यह दूसरा मौका है, जब आरबीआई गवर्नर ने संवाददाताओं को संबोधित किया है।

आरबीआई गवर्नर का बयान तब आया, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मौजूदा आर्थिक स्थिति और संभावित राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।

आरबीआई गवर्नर ने अपने संबोधन में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसीएस) और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (एमएफआईएस) में तरलता लाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये के लक्षित दीर्घकालिक रेपो परिचालन (टीएलटीआरओ 2.0) के संचालन की घोषणा की।

शक्तिकांत दास ने रोपो दर को नहीं बदला, जबकि तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत फिक्स्ड रिवर्स रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 4 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत कर दिया।

उन्होंने नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी जैसे वित्तीय संस्थानों को 50,000 करोड़ रुपये के बूस्टर पैकेज की भी घोषणा की।

उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना संकट के बावजूद भारत 2020-21 में 7.4 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगा सकता है।