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“आज क़ुरान बाँटने के लिए कहा है, कल इस्लाम कुबुलने के लिए कहेंगे”- ऋचा भारती

झारखंड पुलिस ने एक छात्रा को मुस्लिम समुदाय के लिए तथाकथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया था जिसपर रांची न्यायालय ने उसे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में क़ुरान बाँटने का निर्देंश दिया था। छात्रा ने इसपर विरोध जताया है।

छात्रा ऋचा भारती को न्यायालय ने इस शर्त पर ज़मानत दी थी कि वह सदर अंजुमन इस्लामिया समिति में एक और अन्य चार स्कूल/कॉलेजों में क़ुरान बाँटे।

14 जुलाई को दी गई इस ज़मानत में न्यायालय ने कहा था कि क़ुरान बाँटने के बाद भारती इन संस्थानों से एक अभिस्वीकृति पर्ची अर्जित करे और 15 दिनों में उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे।

हालाँकि, मीडिया से भारती ने बताया है कि वह डिगेगी नहीं। ज़ी बिहार झारखंड  को दिए गए एक साक्षात्कार में उसने कहा है कि वह न्यायालय के निर्णय को नहीं मानेगी। उसपर दायर मामले के विषय में भारती ने बताया कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने उसपर मामला दर्ज करवाया जब उसने तबरेज़ अंसारी की मौत का बदला लेने की बात कहने वाले टिकटॉक वीडियो पर एक आलोचक पोस्ट फेसबुक पर डाला था।

न्यायालय के निर्णय पर भारती ने कहा कि यदि आज उसे क़ुरान बाँटने के लिए कहा गया है तो कल को नमाज़ पढ़ने को कहा जाएगा और कभी उसे धर्मांतरण करने के लिए भी कहा जा सकता है। उसने कहा कि क्या कभी किसी मुस्लिम को सनातन धर्म का अपमान करने के लिए रामायण या हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए कहा गया है।

उसकी गिरफ्तारी का स्थानीय समुदाय ने कड़ा विरोध किया था और पिथोरिया पुलिस थाने के बाहर धरना दिया था। वे तब ही शांत हुए जब पुलिस ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि भारती को जल्द ही रिहा किया जाएगा।