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हाथरस घटना के बाद उत्तर प्रदेश में दंगा भड़काने की थी साजिश, बनी थी फर्जी वेबसाइट

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद राज्य में जातीय दंगे भड़काने की कोशिश की जा रही थी। यह खुलासा पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट में किया गया है। इमें पीएफआई समेत कुछ अन्य संगठनों का नाम सामने आ रहा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि घटना के बाद ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ नाम से एक वेबसाइट बनाई गई थी। उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गलत बयान प्रसारित कर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस ने रविवार (4 अक्टूबर) को वेबसाइट और उससे जुड़ी लोकेशन पर छापेमारी करने के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा, “पॉपुलर फ्रंट फॉर इंडिया (पीएफआई) समेत कुछ अन्य संगठन माहौल बिगाड़ने की लगातार साजिश कर रहे हैं।”

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया, “ऐसी वेबसाइट के बारे में जानकारी मिली है। उसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा। उसमें न सिर्फ भड़काऊ सामग्री थी बल्कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से बचाव के तरीके भी बताए गए हैं। वेबसाइट पर पीड़िता के परिवार की मदद के नाम पर दंगों के लिए राशि भी एकत्र की जा रही।”

इस धनराशि से झूठी जानकारियाँ फैलाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया। मामले में हाथरस पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले की जाँच कराई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर पूरी जाँच एसटीएफ या साइबर क्राइम से कराई जाएगी।