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कांग्रेस ने बाँटा विवादित साहित्य, बताए सावरकर और गोडसे के बीच शारीरिक संबंध

मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए कांग्रेस के सेवा दल प्रशिक्षण शिविर में विनायक दामोदर सावरकर और नाथूराम गोडसे के संबंधों को लेकर एक विवादित साहित्‍य बाँटने का मामला सामने आया है। इस पर भाजपा ने कांग्रेस और शिवसेना पर निशाना साधा है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वीर सावरकर-कितने ‘वीर’ नामक इस साहित्य में दावा किया गया है कि हिंदू महासभा के सह-संस्थापक सावरकर और महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के बीच शारीरिक संबंध थे।

इसमें सावरकर से जुड़ी घटनाओं, सवालों और विवादों के बारे में जानकारी दी गई है। बुकलेट में बताया गया कि ब्रह्मचर्य ग्रहण करने से पूर्व नाथूराम गोडसे के वीर सावरकर के साथ संबंध थे। इसमें यह भी बताया गया कि सावरकर जब 12 साल के थे, तब उन्होंने एक मस्जिद पर पत्थर फेंके थे। इसमें राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ को नाजी और फासीवादी संस्‍था के रूप में दर्शाया गया है।

विवादित साहित्य पर कांग्रेस नेता लालजी देसाई ने कहा, “इसमें जो भी बातें कही गई हैं, लेखक ने अपने सबूतों के आधार पर लिखी हैं। यह मसला हमारे लिए बहुत मायने नहीं रखता है। हमारे देश में अब हर किसी को अपनी प्राथमिकताएँ तय करने का कानूनी अधिकार है।”

इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने कहा, “कांग्रेस और उसके सहयोगी लगातार वीर सावरकर की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हैं। यह कांग्रेस द्वारा उद्धव ठाकरे को अपमानित करने का तरीका है, जिनके पिता बाला साहेब ठाकरे वैचारिक मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करते थे।”