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कांग्रेस ने सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक पर लगाया मुनाफाखोरी का आरोप

वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और भारत बायोटेक पर हमला करते हुए कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि सरकार की संशोधित टीकाकरण नीति के कारण दो निजी क्षेत्र की संस्थाएँ 1,11,100 करोड़ रुपये के रूप में बड़े पैमाने पर मुनाफा कमा रही हैं।

हिंदू बिज़नेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान और झारखंड में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी वैक्सीन निर्माताओं को फटकार लगाई और इस बात पर जोर दिया कि टीकाकरण नीति को उन दो कंपनियों द्वारा मुनाफाखोरी के लिए तैयार किया गया है, जो कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके का उत्पादन कर रही हैं।

पार्टी के मीडिया प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दोनों कंपनियों पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अनुमान के अनुसार अदार पूनावाला के नेतृत्व में एसआईआई का कुल मुनाफा 35,350 करोड़ रुपये का होगा, जबकि डॉ कृष्णा एला के नेतृत्व में भारत बायोटेक का मुनाफा 75,750 करोड़ रुपये का होगा।

वैक्सीन निर्माताओं पर पार्टी के हमले में शामिल होते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने कहा कि हमारी एक राय है कि दोनों कंपनियाँ अपनी वैक्सीन का मूल्य 150 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से कम कर सकती हैं और इसमें भी थोड़ा मुनाफा कमा सकती हैं तो यह सच है कि तो दोनों कंपनियाँ अपने टीकों का मूल्य 400 रुपये से 1,000 रुपये करके मुनाफाखोरी करेंगी।