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तेलंगाना में कांग्रेस छोड़ टीआरएस में समिलित होने वाले 12 विधायकों को मिली मान्यता

तेलंगाना में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। उसके 18 में से 12 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीनिवास रेड्डी ने सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों के रूप में मान्यता दे दी है। इन विधायकों ने स्पीकर से मुलाकात कर टीआरएस में विलय की माँग की थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा से बुलेटिन जारी कर कहा गया, “कांग्रेस के 12 विधायकों को सदन में टीआरएस सदस्यों के साथ सीटें दे दी गई हैं।” अब इस मामले में कांग्रेस पार्टी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

इन विधायकों के खिलाफ दलबदल अधिनियम के तरह कार्रवाई भी नहीं हो पाएगी। कानून के मुताबिक, अगर विधानसभा या संसद में किसी पार्टी के दो तिहाई विधायक अपनी पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय करते हैं तो उनके खिलाफ दलबदल कानून के तरह कोई कार्रवाई नहीं होती है।

दिसंबर 2019 में हुए तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने 19 में जीत दर्ज की थी। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम रेड्डी ने नालगोंडा से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उसके विधायकों की कुल संख्या 18 रह गई थी। अब 12 के छोड़कर जाने पर उसके पास सिर्फ छह विधायक ही बचे हैं।

असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाले एआईएमआईएम के विधानसभा में सात सदस्य हैं, जबकि भाजपा के पास एक है। उधर, कांग्रेस टीआरएस पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा रही है।

पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, “मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव जनादेश के साथ धोखा कर रहे हैं। हम लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ेंगे।” रेड्डी ने पार्टी नेताओं के साथ विधानसभा के सामने धरना भी दिया।