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समझौता ब्लास्ट में ‘हिंदू आतंक’ को प्रचारित करने के लिए जेटली का कांग्रेस पर वार

कल (28 मार्च को) समझौता ब्लास्ट मामले के निर्णय की 160 पन्नों की रिपोर्ट जारी की गई जिसमें राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की कड़ी निंदा की गई। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ‘हिंदू आतंक’ की बात को प्रचारित करने के लिए कांग्रेस सरकार पर प्रहार किया।

न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है जिसमें से एक स्वामी असीमानंद भी थे। न्यायालय के निर्णय में घटना को किसी धर्म विशेष से जोड़ने के लिए जाँच प्राधिकरणों को खरी-खोटी सुनाई गई है और कहा गया है कि कानून को राजनीतिक वार्ता या प्रचलित सार्वजनिक दृष्टिकोण से प्रभावित नहीं होना चाहिए, द इंडियन एक्सप्रेस  ने रिपोर्ट किया।

जेटली ने कहा, “कांग्रेस ‘हिंदू आतंक’ की बात को लेकर आई और झूठे साक्ष्यों के आधार पर मामला बनाया लेकिन अंत में निर्णय न्यायालय के हाथ में थे। शायद इसलिए ही जो कभी हिंदुओं को आतंकी कहा करते थे वे आज धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने का प्रयास करते नज़र आ रहे हैं।”

2009-10 में ‘हिंदू आतंक’ के कथात्मक (नैरेटिव) को सबसे ज़्यादा बल मिला जब एनआईए ने प्रथमिक सबूतों को नज़रअंदाज़ कर हिंदू आतंक संबंधित साक्ष्य तैयार किए।