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कोयंबतूर में मिला आईएसआईएस मॉड्युल मंदिरों, गिरिजाघरों को बना रहा था निशाना

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) के तमिलनाडु के कोयंबतूर में आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद राज्य पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने आतंकी समूहों के मंदिरों और गिरिजाघरों को निशाना बनाने का खुलासा किया है।

टाइम्स नाऊ  की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए की कार्रवाई के बाद राज्य पुलिस ने कोयंबतूर में छापा मारकर मॉड्यूल से जुड़े तीन व्यक्तियों मोहम्मद हुसैन, शाहजहाँ और शेख सफीउल्लाह को गिरफ्तार किया।

गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत 12 जून को इस मामले में दर्ज एक प्राथमिकी के अनुसार, तीनों आरोपी शहर के उक्कदम क्षेत्र के थे। श्रीलंका के ईस्टर आतंकी हमलों में आतंकवादियों के बलिदान की उन्होंने प्रशंसा की थी। साथ ही लोगों को इस तरह की बातें करके प्रेरित कर रहे थे।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपी अरबी से आईएसआईएस प्रचार का तमिल में अनुवाद कर रहे थे और राज्य में आईएसआईएस मॉड्यूल बनाना चाहते थे। प्रारंभिक जाँच में यह भी पता चला कि आरोपी कट्टरपंथी थे और एक आतंकवादी हमले की फिराक में थे। उन्होंने स्वीकारा कि उनके मॉड्यूल में अन्य युवाओं को प्रेरित किया गया था।

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए ने राज्य में छह सदस्यीय आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि मुख्य संदिग्ध 32 वर्षीय मोहम्मद अजहरुद्दीन फेसबुक पर भी ज़हरान हाशिम के साथ था। ज़हरान को श्रीलंका में गिरिजाघरों में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना गया था।