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कोऑपरेटिव बैंक नियुक्ति घोटाले में मुख्यमंत्री योगी के एफआईआर दर्ज करने के आदेश

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुए कोऑपरेटिव बैंक नियुक्ति घोटाले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी भ्रष्टाचार के दोषी तत्कालीन दो प्रबंध निदेशकों समेत अन्य के विरुद्ध नामजद एफआइआर दर्ज करेगा। बीते दिनों मामले में उसने अपनी जाँच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी और दो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी।

अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर नियुक्तियों में धांधली के मामले में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी है।

उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हीरालाल यादव व रविकांत सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवामंडल के तत्कालीन अध्यक्ष रामजतन यादव, सचिव राकेश मिश्र व सदस्य संतोष कुमार श्रीवास्तव के साथ संबंधित भर्ती कराने वाली कंप्यूटर एजेंसी एक्सिस डिजिनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी व कर्मचारी जाँच में दोषी पाए गए थे। इन सभी पर एफआइआर दर्ज होगी।

शासन ने उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवामंडल की प्रबंध समिति के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी धोखाधड़ी, षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम में वर्ष 2013 और उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में वर्ष 2015-16 में हुई भर्तियों की जाँच एक माह में पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया।