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“एनआरए की मेरिट लिस्ट से मिलेगी मध्य प्रदेश के युवाओं को नौकरी”- मुख्यमंत्री चौहान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ने युवाओं को शासकीय नौकरी देने के फैसले के बाद एक और बड़ा निर्णय देते हुए केंद्र की राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) द्वार चयनित होने वाले राज्य के युवाओं को कोई दूसरी प्रवेश परीक्षा नहीं देनी की बात कही है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से एक देश एक परीक्षा के निर्णय का राज्य लाभ लेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार (20 अगस्त) को कहा, “एनआरए की परीक्षा के अंकों के आधार पर बनने वाली मेरिट लिस्ट से राज्य के युवाओं को नौकरी मिलेगी।” इस कदम से व्यायवसायिक परीक्षा बोर्ड का काम आधे से भी कम रह जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके कहा, “अपने युवा बेटे-बेटियों के कल्याण के लिए हमने एक और क्रांतिकारी निर्णय लिया। प्रदेश की शासकीय नौकरियों के लिए युवाओं को अलग से कोई परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। एनआरए द्वारा आयोजित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही इन्हें प्रदेश की शासकीय नौकरियाँ मिलेंगी।’

उन्होंने आगे लिखा, “मध्यप्रदेश की शासकीय नौकरियों पर केवल प्रदेश के युवाओं का हक होगा। अब आपको बार-बार की परीक्षाओं से होने वाले निरर्थक व्यय और आवागमन से मुक्ति मिल जाएगी। मेरे बच्चों तुम्हारा जीवन बेहतर बने, यही मेरी प्राथमिकता है।”

चौहान ने कहा, “एनआरए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर ही नौकरी देने का अभूतपूर्व निर्णय लेने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है। इससे युवाओं का जीवन सहज, सुगम बनेगा। देश के दूसरे राज्य भी मध्यप्रदेश की इस पहल को अपनाकर अपने प्रदेश के बेटे-बेटियों को बड़ी राहत दे सकते हैं।”