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हरियाणा के अंबाला में पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़प, बैरिकेड्स उखाड़े

तीन कृषि कानूनों, बिजली संशोधन बिल 2020 और पराली जलाने वाले किसानों पर एक करोड़ रुपये जुर्माने के प्रावधान के खिलाफ दिल्ली कूच कर रहे किसानों को गुरुवार (26 नवंबर) को हरियाणा पुलिस ने अंबाला के पास रोक लिया। इससे पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई।

एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, झड़प के दौरान ईंट-पत्थर चले। बैरिकेड्स को तोड़कर किसानों ने नदी में फेंक दिया। उनके आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन पर ठंडे पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे।

किसानों के ‘दिल्ली चलो’ अभियान में पंजाब, हरियाणा समेत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान के किसान भी राजधानी पहुँचकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने वाले हैं। इनमें करीब 2 लाख से अधिक किसानों के एकत्रित होने की आशंका है। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के संकट को देखते हुए किसी तरह के जमावड़े और रैली की स्वीकृति नहीं दी है।

आंदोलन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल सेवाएँ बाधित कर दी गई हैं। सभी सीमाओं पर डीसीपी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन स्थानों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए ड्यूटी स्थल पर आंसू गैस, वॉटर केनन की 2-2 गाड़ियाँ मौजूद हैं। वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड, क्रेन, एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई हैं। दंगों के हालात से निपटने के लिए तीन रिज़र्व पुलिस बल एंट रायट उपकरणों के साथ मौजूद रहेंगे।