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बेंगलुरु में रक्षा मंत्रालय की भूमि बेचने के मामले में दक्षिण भारत के चर्च से पूछताछ शुरू

बेंगलुरु मेट्रो परियोजना के लिए दक्षिण भारत के चर्च (सीएसआई) द्वारा रक्षा मंत्रालय की भूमि को कथित रूप से बेचने और मुआवजे के रूप में 60 करोड़ रुपये लेने के मामले की जाँच चल रही है।

आईएनएस की रिपोर्ट के अनुसार,बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त चेतन सिंह राठौर ने बताया, “रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर पूछताछ कर रहे हैं कि कैसे सीएसआई ने अवैध रूप से सौ वर्ष पहले पट्टे पर दी गई भूमि को अपना बताकर बेच दिया था और बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) से 60 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में लिए थे।”

कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में 20 अगस्त को ऑल सेंट्स चर्च परिसर में स्थित 7,426 वर्ग मीटर जमीन को बीएमआरसीएल को बेचकर रक्षा मंत्रालय को कथित रूप से धोखा देने के आरोप में सीएसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

शहर में मेट्रो परियोजना के 72 किमी के दूसरे चरण के लिए पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण मार्गों पर 43 किमी के पहले चरण से जोड़ने के लिए बीएमआरसीएल बाजार दर और मुआवजे के साथ शहरभर में निजी और सार्वजनिक भूमि का अधिग्रहण कर रही है।

बीएमआरसीएल ने वेल्लारा जंक्शन भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए डेयरी सर्कल से नागवारा तक रेड लाइन पर भूमि का अधिग्रहण किया था। उसने दायरे में आने वाले टॉम के होटल और फातिमा बेकरी जैसे किरायदारों द्वारा कब्ज़ा की गई 3,618 वर्ग मीटर चर्च भूमि का भी अधिग्रहण किया था।

चर्च अधिकारी का दावा है कि ब्रिटिश राज के दौरान ईस्ट इंडिया कंपनी शहर के छावनी क्षेत्र में सभी सार्वजनिक भूमि की मूल मालिक थी। उस वक्त सामुदायिक हॉल, चर्च, मंदिरों, मस्जिदों और अन्य पूजा स्थलों के निर्माण के लिए सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थानों को भूमि दान की गई थी।