समाचार
शाओमी और ओप्पो को भारतीय मानक ब्यूरो से उत्पादों की मंजूरी में हो रही मुश्किल

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच शाओमी और ओप्पो जैसी चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों को भारत की गुणवत्ता नियंत्रण एजेंसी भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से अपने उत्पादों के लिए अनुमति प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने उद्योग के सूत्रों के हवाले से कहा कि बीआईएस ने हाल के सप्ताहों में मोबाइल फोन के घटकों और टीवी के लिए मंजूरी में देरी की है। इससे शाओमी और ओप्पो जैसी कंपनियों की योजनाएँ खतरे में पड़ गई हैं।

15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत व चीन की सेनाओं के बीच घातक संघर्ष हुआ था। इसमें 20 भारतीय और अज्ञात संख्या में चीनी पीएलए सैनिक मारे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद चीनी सामानों की अधिक जाँच से भारतीयों में चीन विरोधी भावना बढ़ गई है।

इस झड़प के बाद भारत ने 29 जून को वीडियो-साझा मंच टिकटॉक और सोशल मैसेजिंग ऐप वीचैट सहित 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।

फिर जुलाई में भारत ने चीनी कंपनियों का सार्वजनिक खरीद बोलियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया। अगस्त में सरकार ने निजी क्षेत्र द्वारा वाणिज्यिक निकासी के लिए कोयला खदानों की चल रही नीलामी से चीनी कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया।

यह गौर किया जाना चाहिए कि भारत और चीन के बीच तनाव अभी भी अधिक है क्योंकि चीनी पीएलए सैनिकों का भारतीय क्षेत्र लद्दाख के फिंगर एरिया व डेपसांग के मैदानों से दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य-स्तरीय वार्ता के बावजूद विस्थापित होना बाकी है।