समाचार
अमेरिका के साथ गतिरोध से चीन की अर्थव्यवस्था वृद्धि कई दशकों में सबसे कम रही

चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार कई दशकों बाद हुई इतनी धीमी। अमेरिका के साथ व्यापार और प्रौद्योगिकी गतिरोध ने एशियाई आर्थिक महाशक्ति को प्रभावित किया है।

द फाइनेंशियल टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (एनबीएस) के सोमवार को जारी किए गए आँकड़ों ने दर्शाया कि चीन ने दूसरी तिमाही में साल दर साल 6.2 प्रतिशत की वृद्धि रिकॉर्ड की, जो 1990 के दशक की शुरुआत से इसकी सबसे धीमी गति है। दूसरी तिमाही की वृद्धि पहली तिमाही के 6.4 प्रतिशत से कम है।

डाटा के वर्गीकरण से पता चलता है कि सेवा क्षेत्र, जो कुल सकल घरेलू उत्पाद का 54.9 प्रतिशत था, में वर्ष की पहली छमाही में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि प्राथमिक उद्योग में 3 प्रतिशत और उप उद्योंगों में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

और गहन विश्लेषण बताता है कि जून में कारखाना उत्पादन और खुदरा बिक्री में वृद्धि ने अनुमानों को पछाड़ दिया। साल की पहली छमाही में निवेश में यह सुझाव दिया गया कि बीजिंग के उत्तेजक उपायों में 2 ट्रिलियन युआन (291 बिलियन डॉलर) के करों में कमी मंदी पर लगाम लगाने और आंशिक परिणामों की एक उपज है। बीजिंग ने भी विस्तारवादी मौद्रिक नीति का पालन किया है और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली लक्षित औद्योगिक नीतियों की शुरुआत की।

अर्थव्यवस्था के त्रैमासिक आधार पर निवेश उत्साहहीन रहे लेकिन जून के महीने में संभावित सुधार की शुरुआत देखी गई। क्योंकि बीजिंग ने बैंकों को अधिक उधार देने के लिए प्रोत्साहित किया और दोनों देशों के राष्ट्रपति व्यापार संघर्ष को हल करने का तरीका खोजने के लिए मिले।

जनवरी-जून की अवधि में 60.1 प्रतिशत आर्थिक विस्तार के साथ अंतिम उपभोग में योगदान के साथ आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।