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इंडोनेशिया में चीनी कंपनी की ‘हलाल’ वैक्सीन को स्वीकृति, उलेमा परिषद की हरी झंडी

इंडोनेशिया के खाद्य और औद्योगिक प्राधिकरण ने चीनी कंपनी साइनोवैक बायोटेक लिमिटेड की कोविड-19 वैक्सीन कोरोनावैक को आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी। वहीं, पहले शीर्ष इस्लामी संस्था इसका विरोध कर रही थी लेकिन गत सप्ताह उसने इसे ‘हलाल’ करार दिया है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य और औषधि निगरानी एजेंसी के प्रमुख पेन्नी लुकितो ने कहा, “आँकड़ों के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के निर्देश के अनुसार, वैक्सीन के उपयोग के लिए अनुमति की शर्तों को पूरा किया गया है।” वैक्सीन की खुराक देने का अभियान इसी सप्ताह से शुरू किए जाने की उम्मीद है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा, “मैं सबसे पहले वैक्सीन लगवाऊँगा। मैं खुद को प्राथमिकता में नहीं रख रहा हूँ बल्कि मैं हर किसी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि वैक्सीन हलाल और सुरक्षित है।”

ब्राजील के टीका निर्माता बुटानटन इंस्टीट्यूट ने गत सप्ताह कहा था, “संक्रमण के हल्के मामले में टीका 78 प्रतिशत उपयोगी है। मध्यम और ज्यादा जोखिम वालों में यह 100 प्रतिशत कारगर है।” तुर्की ने अंतरिम अध्ययन में वैक्सीन के 91.25 प्रतिशत असरदार होने की बात कही थी। हालाँकि, बाद के नतीजों को सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित नहीं किया गया था।

शीर्ष इस्लामिक निकाय इंडोनेशियन उलेमा परिषद ने गत सप्ताह कहा था कि वैक्सीन हलाल है और मुस्लिमों के उपयोग के अनुकूल है। इसके बाद देश में टीकाकरण के मार्ग की बाधा खत्म हो गई थी।