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चीनी राजदूत हाओ यांकी ने की प्रचंड को मनाने की कोशिश, राष्ट्रपति से भी की भेंट

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के मध्यावधि चुनाव की घोषणा के बाद चीन की परेशानी बढ़ गई है। अब चीनी राजदूत हाओ यांकी कम्युनिस्ट पार्टी के पुष्प कमल दहल प्रचंड को मनाने में जुट गई हैं। गुरुवार (24 दिसंबर) को चीनी राजदूत ने प्रचंड से भेंट करने से पूर्व राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से भी मुलाकात की।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों से पता चला कि यह भेंट करीब 30 मिनट तक चली और देश के वर्तमान हालात पर चर्चा की गई। प्रचंड के करीबी नेता विष्णु रिजल ने ट्वीट करके कहा, “इस बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।”

कहा जा रहा कि अगर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में दरार आती है तो नेपाल कांग्रेस के जीतने की संभावनाएँ बढ़ जाएँगी। दरअसल, यह पार्टी भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने का समर्थन करती है। वहीं, केपी शर्मा ओली सरकार चीन के इशारे पर काम करती है। सूत्रों की मानें तो नेपाल सरकार के कामकाज में चीन का अत्यधिक हस्तक्षेप था।

चीन के कहने पर ही नेपाल ने देश का नया मानचित्र जारी करके भारत को उकसाने की कोशिश की थी। चीन लगातार देश में अपना निवेश बढ़ा रहा है, जो अब भारत से पाँच गुना हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी दो गुटों में बंट गई है और चुनाव से पहले यह टूट भी सकती है।