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गलवान में चीन संग झड़प में शहीद कर्नल संतोष बाबू महावीर चक्र से होंगे सम्मानित

बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल संतोष बाबू, जो गत वर्ष चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में गलवान संघर्ष के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए थे, उन्हें मरणोपरांत दूसरे सर्वोच्च युद्ध काल वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

कहा जा रहा है कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर (25 दिसंबर) शाम को इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

यह घोषणा महावीर चक्र को एक वीरता पुरस्कार मानते हुए बहुत महत्व रखती है। दरअसल वरिष्ठ रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भारत चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के गतिरोध को युद्ध के रूप में देख रहा है।

कारगी युद्ध के बाद यह पहला मौका होगा, जब महावीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। पहले यह बताया गया था कि भारत 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की आक्रामकता का विरोध करते हुए देश की रक्षा करने वाले अपने बहादुरों का सम्मान करेगा।

16 बिहार बटालियन के कर्नल बी संतोष बाबू सहित कम से कम चार भारतीय सेना के जवानों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है।