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पीएमओ और महत्त्वपूर्ण मंत्रालयों की चीन करवा रहा जासूसी, पूछताछ में हुआ खुलासा

भारत में चीन द्वारा की जा रही जासूसी का खुलासा हुआ है। कहा जा रहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अलावा दलाई लामा और भारत में लगाए गए सुरक्षा उपकरण भी उनके निशाने पर थे। पकड़े गए चीनी जासूसी नेटवर्क से हुई पूछताछ में पता चला कि भारतीय मंत्रालय में काम करने वाले उच्च अधिकारियों और नौकरशाहों की जानकारी खंगाली जा रही थी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी जासूसी क्विंग शी से पूछताछ में पता चला कि पड़ोसी देश ने भारत में अपनी जासूसी टीम को पीएमओ समेत कई बड़े दफ्तरों की अंदरूनी जानकारी देने को कहा था।

पूछताछ में चीन के जासूसी नेटवर्क में महाबोधी मंदिर के एक प्रमुख बौद्ध भिक्षु और कोलकाता की एक प्रभावशाली महिला के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है। कहा जा रहा कि क्विंग शी को इस महिला से मिलवाया गया था, जो उसे आवश्यक दस्तावेज़ सौंपती थी और क्विंग उसका अनुवाद करके चीन भेजती थी।

पूछताछ में जाँच एजेंसियों के हाथ कुछ अहम दस्तावेज़ लगे हैं। इसमें पीएमओ में शामिल अधिकारी और दलाई लामा की हर गतिविधि की जानकारी ली जा रही थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने गत माह क्विंग शी के साथ उसके नेपाली साथी शेर बहादुर और भारतीय पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया था। तीनों तिहाड़ में हैं।

बता दें कि जासूसी नेटवर्क का खुलासा अगस्त में चीनी नागरिक चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग की गिरफ्तारी के साथ हुआ था। इसके बाद से ही एजेंसियाँ चीनी जासूसी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। दिल्ली में आईटी विभाग की छापेमारी के दौरान चीनी जासूसी रैकेट का खुलासा हुआ था। उस वक्त पता चला था कि चार्ली पेंग तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा की जासूसी कर रहा था।