समाचार
ताइवान से दूर रहो नहीं तो उत्तर-पूर्वी भारत में अलगाववादी ताकतों को देंगे समर्थन- चीन

चीन के ग्लोबल टाइम्स समाचार-पत्र ने अपने एक लेख में चेतावनी दी कि अगर भारत ने ताइवान को समर्थन दिया तो उसके पास उसे हानि पहुँचाने के बहुत-से तरीके हैं। इसके लिए वह उत्तर-पूर्वी भारत में अलगाववादी ताकतों को समर्थन दे सकता है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल टाइम्स ने शंघाई अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के रिसर्च सेंटर फॉर चाइना-साउथ एशिया कोऑपरेशन के सचिव जनरल लियू जॉन्गयी के हवाले से दावा किया कि भारत का ताइवान को अलग देश समझना द्विपक्षीय संबंधों के आदर्श का उल्लंघन है। ऐसे में उसे पेइचिंग की जवाबी कार्रवाई से सतर्क रहना चाहिए।

लियू ने अखबार के हवाले से कहा, “एक कदम सिक्किम को भारत का अंग न मानना हो सकता है। अगर भारत चीन में अलगाववादी ताकतों का समर्थन करता है, तो चीन भी आंख के बदले आंख निकालने की नीति का पालन करते हुए उत्तरपूर्वी भारत में अलगाववादी ताकतों को अपना समर्थन देगा।”

आगे कहा गया कि भारत को कोरोना की चिंता करनी चाहिए, ना कि ताइवान की। भारत में जब घरेलू समस्याएँ होती हैं तो वह चीन के साथ तनाव पर ध्यान देना शुरू कर देता है, ताकि लोगों का ध्यान भटके। महामारी के बीच वह दुनिया में सबसे अधिक वैक्सीन बना रहा है लेकिन दुर्भाग्य से भू राजनीतिक चाल चलकर खुद को हानि पहुँचा रहा है।