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चीन भारत के साथ गतिरोध के बीच शिनजियांग सैन्य जिले में आधुनिक हथियार बढ़ा रहा

चीन की सेना ने शिनजियांग सैन्य जिले में ज़मीनी इकाइयों को बढ़ावा देने की अपनी कोशिशों को तेज़ कर दिया है, जो पश्चिमी थिएटर कमांड का एक हिस्सा है।

सैन्य जिले को सीमा पार से घुसपैठ का कोई सीधा खतरा नहीं है। दरअसल, उसकी अफगानिस्तान, पाकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और तजाकिस्तान के साथ सुरक्षित सीमाएँ हैं।

ताइवान के साथ संघर्ष की आशंका जताते हुए पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने द्वीप देश के करीब आने वाली इकाइयों के लिए अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू हथियारों को प्राथमिकता दी है। इसी वजह से शिनजियांग ऐतिहासिक रूप से पीएलए के समकालीन हथियारों को रखने वाले स्थल के रूप में नहीं रहा है।

हालाँकि, 2021 में शिनजियांग प्रांत में स्थित अभिन्न इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए नई युद्ध प्रणालियों को बेहतर किया जा रहा है। हाल ही के दिनों में नए पीएचएल-03 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर, पीसीएल-161 स्वःचालित हॉवित्जर और पीसीएल-181 स्वःचालित हॉवित्जर की आपूर्ति सैन्य जिले को की गई है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, शिनजियांग में सैन्य प्रणालियों को मजबूत करने के पीछे गत वर्ष भारत के साथ सीमा गतिरोध को साफ तौर पर देखा जा रहा है।

कथित रूप से पीएलए क्षेत्र में नई प्रणालियों के तेज़ी से निर्माण और वितरण की अपनी क्षमता के साथ भारत का अनुमान लगाना चाह रहा है। पाँच वर्ष के लिए वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख जनरल झाओ ज़ोंगकी को दिसंबर 2020 में सेंट्रल थिएटर कमांड के पूर्व कमांडर जनरल झांग ज़ुडोंग से बदल दिया गया था।

इन सभी कदमों को भारतीय सीमा पर अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के चीन के स्पष्ट उद्देश्यों के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, दोनों देश भविष्य में संभवतः एक-दूसरे को आँकने का प्रतीक्षा कर रहे हैं।