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चीन को भारत का जवाब, “एकतरफा परिभाषित 1959 एलएसी को कभी स्वीकारा नहीं”

बीजिंग ने दावा किया है कि हम 1957 में भारत और चीन के बीच बनाई गई वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को ही मानते हैं। दावे के कुछ घंटों बाद ही नई दिल्ली ने इस बयान को खारिज कर दिया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 7 नवंबर 1959 को बताई गई एलएसी को लेकर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है। चीन ने 1950 में इसकी घोषणा की थी और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इसको लेकर स्पष्ट है।

कई वर्षों में पहली बार यह बात सामने आई है। चीनी पक्ष ने कहा है कि वह भारत और चीन के बीच 1959 के अपने दावा रेखा को ही एलएसी मानता है। उसके दावे को खारिज करने वाले एक लंबे बयान में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसे एलएसी की एकतरफा व्याख्या कही है।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “भारत ने कभी भी एकतरफा परिभाषित 1959 की वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्वीकार नहीं किया है। इस स्थिति के बारे में चीन के साथ सभी को पता है।”

विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि दोनों पक्ष वर्ष 2003 तक एलएसी की स्थिति को स्पष्ट और पुष्ट करने की कवायद में लगे रहे। हालाँकि, इसके बाद आगे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि चीनी पक्ष ने इसमें रुचि नहीं दिखाई।