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चीन सीमा पर सैनिक और तोपें तैनात करने में जुटा, एमएम नरवाणे बोले, “हालात गंभीर”

लद्दाख में बीते दिनों भारत द्वारा चीनी सैनिकों को खदेड़ने की कार्रवाई के बाद पड़ोसी देश ने पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे पर टैंकों और पैदल सैनिकों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी करनी शुरू कर दी है। चीन अपनी तोपों को एलएसी के आसपास ही तैनात करने में जुटा हुआ है। उधर, थल सेना प्रमुख एमएस नरवाणे ने भी एलएसी पर हालात तनावपूर्ण बताए हैं।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी पैंगोंग में चीन की सीमा के अंदर सैनिकों की आवाजाही बढ़ी है। मोल्डो से कुछ ही दूरी पर अतिरिक्त टैंक दिखाई दिए हैं। गलवान घाटी की घटना के बाद लिपुलेख और मिलम सीमा पर भारी संख्या में सेना और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई है। मिलम और लिपुलेख बॉर्डर पर सेना और आईटीबीपी के जवान 24 घंटे नज़रें जमाए हुए हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख दौरे पर गुरुवार (3 सितंबर) को पहुँचे थलसेना अध्यक्ष ने सेना की तैयारियों का जायजा दिया। उन्होंने कहा, “चीनी की हरकतों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जा रहे हैं। आगे के क्षेत्रों में सेना के अधिकारी व जेसीओ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।”

एमएस नरवाणे ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख के फील्ड कमांडरों से सेना की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने जवानों से भी बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, “क्षेत्र में सेना की उचित तैनाती की गई है। अधिकारी व जवान हर तरह के हालात का सामना करने में सक्षम हैं। भारत ने अतिरिक्त बल और हथियारों की तैनाती बढ़ा दी है।”