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वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से चीन ने बचाया मसूद अज़हर को, चौथी बार किया ऐसा

चीन ने पकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर अल्वी को वैश्विक आतंकवादी घोषित करार देने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के फैसले में एक बार फिर अड़चनें पैदा कर दी हैं। मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए बुधवार (13 मार्च) को प्रस्ताव रखे जाने के कुछ मिनटों पहले ही चीन ने अपनी वीटो शक्ति का उपयोग करते हुए कार्यवाही पर रोक लगा दी है, नव भारत टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

2017 में भी चीन ने मसूद के खिलाफ इस प्रस्ताव में इसी ही प्रकार की अड़चनें पैदा की थी। बीते 10 सालों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का यह चौथा प्रस्ताव था, और चारों ही बार चीन ने इस प्रस्ताव में खलल डाली है।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम निराश हैं, पर हम सभी उपलब्ध विकल्पों पर काम करते रहेंगे”, और साथ ही बाकी देशों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के प्रयास में भारत का साथ दिया।

27 फरवरी 2019 को अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की तरफ से अज़हर को 1267 अलकायदा  प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था।