समाचार
चीन की ओबीओआर परियोजना का साथ देना वाला इटली बना जी-7 से पहला देश

इटली ने चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना में शनिवार (23 मार्च) को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका परियोजना के तहत  दोनों देशों के बीच अफ्रीका, यूरोप और अन्य महाद्वीपों में बंदरगाह, बिजलीघर और पुल बनवाए जाएंगे, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

रोम में एक कार्यक्रम के दौरान इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंटे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 29 अलग-अलग ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद इटली जी-7 देशों में पहला ऐसा देश बन गया है जिसने चीन की ओबीओआर को अपनाया है।

इस समझौते से इटली को उम्मीद है कि उसके देश के पारंपरिक बंदरगाहों को पुनर्जीवित किया जा सकता है, जो पूर्व और पश्चिम के बीच लिंक स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।  इटली और चीन के बीच यह समझौता एक खरब 72 अरब 92 करोड़ 62 लाख, 50 हजार रुपये में हुआ है।

शनिवार (23 मार्च) को ही इटली के उप-प्रधानमंत्री ल्यूगी डी मायो ने कहा कि यह समझौते की राशि बढ़ भी सकती है।

चीन का दवा है कि उसके 10 खरब रुपये वाली इस ओबीओआर परियोजना से अब तक विश्व के 150 देश जुड़ चुके हैं।