समाचार
कैलाश-मानसरोवर पर भी चीन तैनात कर रहा मिसाइलें, भारत से विवाद बढ़ने की आशंका

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के साथ तनाव के बीच चीन कैलाश-मानसरोवर की एक झील के किनारे भूमि से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को तैनात कर रहा है। इपोक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में मिसाइल की तैनाती से दोनों देशों के बीच विवाद और जटिल होने की आशंका जताई है।

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील चार धर्मों द्वारा पूज्यनीय है। यह भारत में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शास्त्रों से जुड़ा हुआ है। हिंदू इसको भगवान शिव और पार्वती का निवास स्थान, जबकि तिब्बती बौद्ध लोग पहाड़ को कंग रिंपोछे कहते हैं। जैन इस पहाड़ को अस्तपद कहते हैं। यह पवित्र स्थल सिंधु, ब्रह्मपुत्र, सतलज और कर्णाली (गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी) का उद्गम स्थल भी है।

लंदन बेस्ड थिंक टैंक ब्रिज इंडिया में जियोपॉलिटिकल विशेषज्ञ और लेखकर प्रियजीत देबसरकार ने इपोक टाइम्स को बताया, “मेरे मुताबिक यह भारत के खिलाफ चीन की उकसावे की कार्रवाई है। तिब्बत में मिसाइल की तैनाती से हैरानी नहीं होनी चाहिए। यह अधिनायकवादी अस्थिरता और भारत को उकसाने के लिए है। भारत भी चीनी आक्रामकता के सामने पीछे हटने से इनकार कर रहा है।”

वॉशिंगटन बेस्ड ह्यूस्टन इंस्टीट्यूट इनिशिटिव ऑन द फ्यूचर ऑफ इंडिया एंड साउथ एशिया की डायरेक्टर अपर्णा पांडे ने कहा, “चीन धर्म और संस्कृति में विश्वास नहीं करता है। हमें ध्यान रखना चाहिए कि वे किसी धर्म को नहीं मानते हैं। वे जिस विचारधारा की परवाह करते हैं, वह उनका साम्यवाद है।”

भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई से ही तनातनी जारी है। पूर्वी लद्दाख के कई क्षेत्रों में चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसका भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। 15 जून को भी गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।