समाचार
दलाई लामा बोले- “चीन के हथियारों से ज्यादा मजबूत है तिब्बती बौद्ध धर्म का प्रभाव”

आध्यात्मिक बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा ने कहा, “तिब्बतियों की नई पीढ़ी तिब्बत पर चीन के पहले की तरह कब्जा करने का पुरजोर विरोध करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”

स्ट्रेटन्यूज ग्लोबल को दिए एक साक्षात्कार में तिब्बती धर्मगुरु ने कहा, “दलाई लामा संस्था की परंपरा तिब्बत, हिमालय और मंगोलिया के लोगों तक जारी रहनी चाहिए या नहीं।”

चीन अगले दलाई लामा की घोषणा करना चाहता है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “तिब्बती चीनी शासन द्वारा चुने गए धार्मिक नेता को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।”

तिब्बतियों की नई पीढ़ी यहाँ चीन की स्वायत्तता के विरोध के लिए संघर्ष को कैसे आगे ले जाएगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “तिब्बती दृढ़ संकल्पित हैं। चूँकि, 50 की उम्र वाली पीढ़ी गुजर चुकी है लेकिन नई पीढ़ी और उनकी स्थिरता पुरानी पीढ़ियों की तरह ही मजबूत है।”

दलाई लामा ने कहा, “चीन ने हालाँकि तिब्बत पर भौतिक रूप से कब्जा कर लिया है लेकिन यह तिब्बतियों की भावना और मन को कभी भी नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। ”

तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायियों में चीन के लोगों की संख्या बढ़ रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “चीन हथियार का इस्तेमाल कर तिब्बतियों को नियंत्रित कर सकता है लेकिन तिब्बती बौद्ध धर्म उनके दिमाग को प्रभावित करता है। ऐसे में लंबे समय से हमारा प्रभाव उनके हथियारों से ज्यादा मजबूत है।”