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अरुणाचल और ताइवान को चीन में न दिखाने पर 30,000 मानचित्रों को किया नष्ट

चीन के उत्तर पूर्वी हिस्से के कस्टम प्राधिकरण ने पिछले सप्ताह लगभग 30,000 विश्व के मानचित्रों को अरुणाचल प्रदेश को भारत में दिखाने और ताइवान को एक अलग देश दिखाने की वजह से नष्ट कर दिया। चीन लगातार भारत के उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता आ रहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स  की खबर के अनुसार शेडोंग प्रांत के क़िंगदाओ शहर के कस्टम अधिकारियों ने एक कार्यालय में छापे मारी की जिसके बाद उन्होंने 800 से ज़्यादा पेटियों को नष्ट किया जिसमें लगभग 28,908 विश्व के नक़्शे थे।

बताया जा रहा है कि सभी दस्तावेज़ों को एक गुप्त स्थान पर ले जाकर उन्हें नष्ट कर दिया गया। नक्शों को अंग्रेजी भाषा में छापा गया था और उन्हें किसी दूसरे देश में निर्यात किया जाना था।

चीन विदेश मामलों के विश्विद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कानून विभाग के प्रोफेसर लिउ वेनजोंग ने इस पर कहा है कि चीन ने जो भी किया वह बिलकुल सही और ज़रूरी था। उनका कहना है कि किसी भी देश के लिए उसकी अखंडता और संप्रभुता बहुत ही ज़रूरी होती है, उन्होंने अपने बयान में अरुणाचल और ताइवान को भी चीन का हिस्सा बताया।

ताइवान और अरुणाचल प्रदेश को चीन अपने देश का हिस्सा बताते हुए कई बार पहले भी कदम उठा चुका है। पिछले कुछ महीनों में एयरलाइन्स कंपनियों की वेबसाइट में ताइवान को अलग देश दिखाने पर बीजिंग ने एयरलाइन्स कंपनयों को यह जानकारी बदलने के आदेश भी दिए थे।