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चीन ने लिपुलेख पास पर पीएलए की बटालियन तैनात की, इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ा रहा

चीन ने पीपल्स लिब्रेशन ऑर्मी (पीएलए) की एक बटालियन को उत्तराखंड में लिपुलेख पास के नज़दीक तैनात किया है। हिन्दुस्तान टाइम्स को इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि यह लद्दाख सेक्टर के बाहर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मौजूद उन ठिकानों में से एक है, जहाँ पिछले कुछ सप्ताह में चीनी सैनिकों की आवाजाही देखी गई है।

लद्दाख में भारतीय सेना के अधिकारियों को पता चला है कि पिछले क्षेत्रों में चीनी सैनिकों की संख्या बढ़ रही है। वे इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में जुटे हैं। एलएसी पर दूसरे जगहों पर भी चीन अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने कहा, “लिपुलेख पास, उत्तरी सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में एलएसी पर पीएलए सैनिकों का जमावड़ा है।” अधिकारियों ने बताया कि लिपुलेख पास पर पीएलए ने एक बटालियन को तैनात किया है, जिसमें करीब 1000 सैनिक हैं। ये सीमा से कुछ दूरी पर हैं।

दूसरे सैन्य अधिकारी ने कहा, “यह इशारा है कि चीनी सैनिक तैयार हैं। भारत ने पीएलए सैनिकों के बराबर संख्या बढ़ा दी है और नेपाल पर भी नजर रखी जा रही है।” वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, एलएसी पर स्थिति लगातार बदल रही है। चीनी सैनिक लद्दाख के अलावा दूसरे जगहों पर मौजूदगी बढ़ा रहे हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। भारत लद्दाख में सर्दियों के लिए भी तैयारी में जुटा है।

बता दें कि लिपुलेख पास मानसरोवर यात्रा रूट पर है, जो इन दिनों नेपाल से विवाद को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। यहां भारत की ओर से बनाए गए 80 किलोमीटर सड़क पर नेपाल ने आपत्ति जताई थी। काठमांडू ने अपने नए राजनीतिक नक्शे में बदलाव करके भारत के साथ तनाव पैदा किया। नेपाल ने नए नक्शे में भारतीय क्षेत्रों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को शामिल कर लिया था।