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“शिंजियांग में धार्मिक कट्टरता को खत्म करके महिलाओं को बनाया आत्मविश्वासी”- चीन

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने अपने मुखपत्र पीपुल्स डेली के एक लेख में दावा किया कि शिंजियांग प्रांत में धार्मिक कट्टरता के उन्मूलन के परिणामस्वरूप महिलाओं के अब बच्चे पैदा करने की दर में कमी आई है क्योंकि वे अधिक आत्मविश्वासी और स्वतंत्र हो गई हैं।

अमेरिका में चीनी दूतावास के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने ट्वीट किया, “अध्ययन से जानकारी मिलती है कि चरमपंथियों के उन्मूलन की प्रक्रिया में शिंजियांग में उइगर महिलाएँ मानसिक रूप से स्वतंत्र हुई हैं। उनमें लिंग समानता और प्रजनन स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया। इससे वे लंबे समय तक बच्चे पैदा करने वाली मशीन बनकर नहीं रह गई हैं। अब वे अधिक आत्मविश्वासी और स्वतंत्र हो गई हैं।”

लेख में दावा किया गया है कि वहाँ जन्मदर और प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि धार्मिक कट्टरता को खत्म करने की वजह से कम हुई है। उसने आरोप लगाया कि चरमपंथियों ने परिवार नियोजन को कम करने के लिए लोगों को उकसाया था।

चीन पर अल्पसंख्यक उइगर मुस्लिम आबादी के खिलाफ क्रूर दमन का आरोप है। इसमें कथित तौर पर उन्हें जबरन शिविर में भेजने और उन्हें सूअर का मांस खाने व शराब पीने के लिए मजबूर करने जैसी बातें हैं।

पाकिस्तान सीमा से लगे शिंजियांग प्रांत में चीन इस्लामिक आतंकवाद से जूझता है और क्षेत्र में आंदोलनों को रोकने के लिए क्रूर तरीके अपनाता है। शिंजियांग के मूल निवासी रैडिकल उइगर मुसलमान क्षेत्र में अपने छिटपुट चाकू के हमलों के लिए जाने जाते हैं।

चीन देशभर की मस्जिदों से अरब शैली के गुंबदों, इस्लामी सजावट और अरबी लिपियों को भी हटा रहा है। एक मामले में इसने शिंजियांग की मस्जिद को तोड़ दिया और वहाँ पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवा दिया।