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नेपाल के गाँव पर चीन का कब्जा, 11 और स्थानों पर भी जमा चुका अपना अधिकार- रिपोर्ट

चीन ने नेपाल के एक गाँव पर कब्जा कर लिया और कथित रूप से उसे वैध बताने के लिए दीवार पर लगे स्तंभों को हटा दिया है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया, “यह भी पता चला कि चीन ने धीरे-धीरे कई नेपाली क्षेत्रों में घुसपैठ की। अब वह वहाँ पूर्ण नियंत्रण साबित करने की कोशिश में लगा है।”

चीन के नए कब्जे में गोरखा जिले का रुई गाँव है, जो अब उसके नियंत्रण में है। आईएनएस के शीर्ष सूत्रों ने बताया, “चीन ने गाँव पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। अब वहाँ रहने वाले मूल निवासी अपनी पहचान के लिए लड़ रहे हैं। इससे पता चलता है कि कैसे नेपाल के वर्तमान शासन ने चीन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस बात को दबाने के लिए वह भारत विरोधी गतिविधियों का सहारा ले रहा है और विरोधी बयान दे रहा है।”

रुई के अलावा चीन ने नेपाल के 11 और स्थानों पर कब्जा कर लिया है। पड़ोसी देश के चार जिलों की करीब 36 हेक्टेयर भूमि पर चीन की सीमा है, जहाँ उसने अवैध कब्जा किया। अब तक नेपाल की सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं बोला है। रुई गाँव में कब्जा चीन ने गत दो वर्षों में किया है।

नेपाल हाल ही में एक नया नक्शा लेकर आया है, जो पिथौरागढ़ में भारतीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों का दावा करता है। भारत ने उसके दावे को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह ऐतिहासिक तथ्यों या सबूतों पर आधारित नहीं है। देश के नए राजनीतिक मानचित्र में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा क्षेत्रों के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है, जो भारतीय क्षेत्र में हैं। नए राजनीतिक मानचित्र को गत सप्ताह नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी द्वारा प्रमाणित किया गया था।