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अंतर-राष्ट्रीय दबाव में चीन हुआ कोरोनावायरस की उत्पत्ति पर जाँच को लेकर सहमत

कोरोनावायरस को लेकर अमेरिका सहित कई देशों के लगातार सवाल उठाने के बाद चीन ने सोमवार (18 मई) को अंतर-राष्ट्रीय जाँच की सहमति दे दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को बताया कि इस वायरस के पता लगते ही हमने पारदर्शी तरीके से और जिम्मेदारीपूर्वक काम किया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ की ओर से कोविड-19 की उत्पत्ति का जाँच प्रस्ताव तैयार किया गया था। अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर इसे 100 देशों का समर्थन था। डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को अपनी पहली वर्चुअल सभा की शुरुआत की। इसमें चीन के राष्ट्रपति ने कहा, “चीन जाँच के लिए तैयार है लेकिन विश्व की स्थिति सामान्य होने के बाद जाँच होनी चाहिए।”

शी जिनपिंग ने कहा, “हम महामारी से निपटने के लिए आागामी दो वर्षों में डब्ल्यूएचओ को 2 अरब डॉलर की मदद करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सभा का उद्घाटन करते हुए कहा, “कई देशों ने डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों को अनदेखा किया। कई बार विरोधाभासी रणनीतियाँ अपनाईं और अब सब इसकी भारी कीमत चुका रहे हैं।”

बता दें कि यह सभा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव की पृष्ठभूमि के तहत हो रही है। चीन और अमेरिका के बीच टकराव का कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा ताइवान को डब्ल्यूएचओ में शामिल करने पर जोर देना भी है। चीन ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है क्योंकि वह ताइवान को अपना हिस्सा बताता है।