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चिदंबरम को नहीं मिला घर का बना खाना, दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना समान्य कैदी

आईएनएक्स मीडिया मामले में घिरे पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनके घर का बना खाना खाने की अनुमति नहीं दी। उच्च न्यायालय ने गुरुवार (12 सितंबर) को इसपर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता है, सब कैदी एक समान होते हैं। पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, उनके द्वारा दायर की गई नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने कहा कि सभी के लिए एक जैसा भोजन उपलब्ध है। उनकी ओर से दलील देते हुए कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने न्यायालय से चिदंबरम को घर का खाना बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। सिब्बल ने अपने अनुरोध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता की उम्र का भी उल्लेख किया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

कपिल सिब्बल के दलील पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य कैदियों के साथ भेदभाव नहीं कर सकता है। उन्होंने न्यायालय के बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी जेल में बंद हैं और उन्हें भी कोई सुविधा नहीं मिली है।

इससे पहले, न्यायालय पी चिदंबरम द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। न्यायालय ने सीबीआई से इसपर एक हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा है।