समाचार
चंद्रयान-3 को केंद्र सरकार ने दी स्वीकृति, चंद्रयान-2 से भी कम पड़ेगी लागत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख के सिवन ने बुधवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने चंद्रयान-3 परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। दूसरे स्पेस पोर्ट के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरुआती दौर में है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इसरो प्रमुख ने बताया, “यह पोर्ट तमिलनाडु के तुतुकुडी में बनेगा। हमने चंद्रयान-2 के दौरान अच्छी कोशिश की थी। हालाँकि, उसे चांद की सतह पर उतारने में असफल रहे थे। इस बार ऑर्बिटर बेहतर तरीके से काम कर रहा है। यह 7 साल तक डेटा उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने बताया, “गगनयान अभियान के लिए 4 लोगों को चुना गया है। सभी अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हो जाएगा। इस वर्ष हमारी 25 से ज्यादा मिशन प्रक्षेपित करने की योजना है।”

के सिवन ने कहा, “पिछले वर्ष (2019) में हमारी रणनीति इसरो को विस्तार देने की थी। हम चाहते थे कि इसरो का क्षैतिज विस्तार हो। दूसरी रणनीति क्षमता का विस्तार और तीसरी रणनीति शारीरिक कार्यों में कटौती करने की थी।”

बता दें कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह संसद के शीतकालीन सत्र में बताया था कि 2020 में चंद्रयान-3 प्रक्षेपित किया जाएगा। इसकी लागत पिछले चंद्रयान-2 से भी कम होगी।