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चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुँचा चंद्रयान-2, 7 सितंबर को उतरेगा सतह पर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान-2 मंगलवार (20 अगस्त) को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। टाइम्स ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट के अनुसार, इसरो ने स्वयं चंद्रयान-2 की चांद की कक्षा में प्रवेश करने की पुष्टि की है।

चंद्रयान-2 के अब चंद्रमा पर उतरने में कुछ ही दिन शेष हैं। अगर चंद्रयान-2 सही सलामत उतरता है तो भारत संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), रूस और चीन के बाद वहाँ खोज करने के लिए पहुँचने वाला चौथा देश बन जाएगा।

21, 28, 30 अगस्त और 1 सितंबर को 100X100 किलोमीटर की चंद्र कक्षा से अंतिम कक्षा में पहुँचने के लिए चंद्रयान चार और कक्षीय प्रक्रियाओं से गुज़रेगा, ताकि यान खुद को चंद्रमा की सतह के करीब ला पाए।

विक्रम लैंडर भी 2 सितंबर को परिक्रमा करके अलग हो जाएगा। सिवन कहते हैं, “7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर दोपहर 1.30 बजे से 2.30 बजे के बीच सॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले विक्रम पर लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा।”

एक बार उतरने के बाद प्रज्ञान रोवर को 4 घंटे बाद लैंडर से लॉन्च किया जाएगा। चार पहिए वाला रोवर चांद की सतह पर 500 मीटर की दूरी तय करने के लिए 1 सेमी प्रति सेकेंड की गति से आगे बढ़ेगा।

प्रज्ञान के पास एक चंद्र दिन (14 पृथ्वी दिवस) का जीवनकाल है, जिसके दौरान वह छवियों को कैद करेगा, सामग्री का विश्लेषण करेगा और इसे विक्रम या ऑर्बिटर के माध्यम से 15 मिनट में पृथ्वी पर वापस भेज देगा।