समाचार
छह कार्बी आंगलोंग विद्रोही समूहों संग शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेगा केंद्र- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (4 सितंबर) को घोषणा की कि केंद्र सरकार आज छह कार्बी आंगलोंग विद्रोही समूहों के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) के 51वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए यह बात कही।

केंद्रीय गृह मंत्री, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और छह संगठनों के नेताओं की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएँगे।

बीपीआरएंडडी कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में गत दो वर्षों में 3,700 से अधिक सशस्त्र कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। केंद्र किसी भी समूह के साथ बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है, जो हथियार छोड़ना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “भूमि और समुद्री दोनों सीमाओं को बिना किसी ढिलाई के सुरक्षित किया जाना चाहिए और बीपीआरएंडडी को सभी सीमा सुरक्षा बलों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार करना चाहिए।”

गृह मंत्री ने अंत में कहा कि हमें साइबर खतरों, ड्रोन हमलों जैसी सुरक्षा और मादक पदार्थों की चुनौतियों हेतु तैयार रहने की आवश्यकता है।

बता दें कि इससे पूर्व फरवरी में पाँच विद्रोही समूहों कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिब्रेशन फ्रंट (केएलएनएलएफ), पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी (पीडीसीके), यूनाइटेड पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (यूपीएलए) और कुकी लिब्रेशन फ्रंट (केएलएफ) से अंति वांछित इंगती कथार सोंगबिजित सहित 1,040 आतंकवादियों ने मुख्यधारा में लौटने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने आत्मसमर्पण किया था।