समाचार
नितिन गडकरी ने खारिज की राजस्थान सरकार की यातायात जुर्माने को कम करने की मांग

राजस्थान सरकार की संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंड को कम करने की मांग को खारिज करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों से इसस कानून को लागू करने का आग्रह किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान सरकार ने गुरुवार (16 जनवरी) को दिल्ली में परिवहन विकास परिषद की 39वीं बैठक में संशोधित कानून के तहत यातायात जुर्माने को कम करने की मांग की थी।

बैठक में मौजूद एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “चालक पर भारी जुर्माना लगाया गया, जब इस ओर ध्यान खींचा गया तो मंत्री ने कहा था कि वे इस मामले से अवगत थे।” उन्होंने पूछा, “क्या ऐसे व्यक्ति जो कई नियम तोड़ते हैं, उन्हें मुफ्त में स्कूटी ले जाने की मंजूरी दे देनी चाहिए।”

रिपोर्ट के अनुसार, असम केंद्रीय कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध राज्यों में से एकमात्र राज्य था।

मंत्री ने दोषपूर्ण इंजीनियरिंग और खराब सड़क डिजाइन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भी चेतावनी दी क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं का देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं के कारण सामाजिक-आर्थिक नुकसान जीडीपी के 3 प्रतिशत के बराबर होता है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यातायात जुर्माना कम करने की राज्य सरकार की मांग को पहली बार ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खारिज नहीं किया है। इससे पूर्व, कुछ राज्यों द्वारा संशोधित एमवी अधिनियम के तहत जुर्माना कम करने के बाद उन्होंने चेतावनी दी थी कि स्थानीय सरकार को जवाब देना होगा कि क्या इससे उनके राज्यों में मृत्यु दर में कमी नहीं आई है।