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केंद्र बड़े वैश्विक निर्माताओं को लुभाने के लिए ₹1.68 लाख करोड़ का पैकेज ला रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार प्रमुख वैश्विक विनिर्माण कंपनियों को भारत में लुभाने के लिए 1.68 लाख करोड़ रुपये (23 अरब अमेरिकी डॉलर) का प्रोत्साहन पैकेज लाने की तैयारी कर रही है।

यह पैकेज संभवतः प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की तर्ज पर होगा, जो पहले मोबाइल फोन निर्माताओं के लिए पेश किया गया था।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रस्तावित प्रोत्साहन पैकेज की ऑटोमोबाइल, सौर पैनल, विशेष इस्पात, कपड़ा इकाइयों और अन्य विशेष विनिर्माण इकाइयों को पेशकश की जाएगी।

प्रमुख दक्षिण कोरियाई मोबाइल निर्माता सैमसंग, ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनियों पेगाट्रॉन, फॉक्सकॉन व विस्ट्रॉन सहित 22 से अधिक वैश्विक कंपनियों ने पीएलआई योजना में हिस्सा लेने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

जुलाई 2020 में मोदी सरकार ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से एक नीति बनाई थी। इसमें घरेलू दवा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 6,940 करोड़ रुपये की उत्पादन प्रोत्साहन योजना को अधिसूचित किया गया था।

उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों के अलावा केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को आगे बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर्स (स्पेक्स) और मॉडिफाइड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (ईएमसी 2.0) के निर्माण के लिए इसी तरह के योजना पैकेज भी शुरू किए थे।

ब्लूमबर्ग ने यह भी बताया कि इसी तरह की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं को फर्नीचर, खिलौने और कम मूल्य वाले उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के लिए बढ़ाया जा सकता है। जिस तरह वर्तमान में चीनी कंपनियों से प्राप्त किया जाता है।